Umar Khalid and Sharjeel Imam have been in jail for over five years in the 2020 Delhi riots larger conspiracy case. (File image/PTI)
ओपिनियन
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News1805-01-2026, 20:02

खालिद, इमाम को SC से नहीं मिली जमानत; UAPA के तहत 'आतंकवादी कृत्य' की नई परिभाषा.

  • दिल्ली दंगों के आरोपी शरजील इमाम और उमर खालिद को सुप्रीम कोर्ट ने जमानत देने से इनकार कर दिया, जिससे कई लोग हैरान हैं.
  • अदालत ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा को प्रभावित करने वाले प्रथम दृष्टया सबूत लंबी कैद से अधिक महत्वपूर्ण हैं, भले ही पहले के फैसलों में देरी पर जोर दिया गया हो.
  • निर्णय का एक महत्वपूर्ण पहलू UAPA के तहत 'आतंकवादी कृत्य' की विस्तारित परिभाषा है, जिसमें शारीरिक हिंसा के बिना समाज के लिए खतरा और आवश्यक सेवाओं में बाधा शामिल है.
  • सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आवश्यक आपूर्ति में बाधा डालने की साजिश और उकसाना भी आतंकवादी कृत्य हो सकता है, भले ही सीधी हिंसा न हुई हो.
  • यह फैसला बताता है कि 'चक्का जाम' जैसे शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन भी UAPA के दायरे में आ सकते हैं यदि उनका उद्देश्य आवश्यक सेवाओं को बाधित करना और नागरिक जीवन को अस्थिर करना हो, जिससे वैध असहमति की सीमाएं फिर से परिभाषित हों.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: SC का खालिद, इमाम को जमानत से इनकार UAPA के तहत आतंकी कृत्यों को फिर से परिभाषित करता है, जिससे भविष्य के विरोध पर असर पड़ेगा.

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