Spiritual Bharat does not signify an escape into mysticism; rather, it refers to a civilisational perspective that perceives life in its totality. (File)
ओपिनियन
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News1808-02-2026, 18:15

आध्यात्मिक भारत: विकसित भारत के लिए एक सभ्यतागत खाका

  • आध्यात्मिक भारत (Spiritual Bharat) 2047 तक विकसित भारत के लिए एक सभ्यतागत खाका प्रस्तुत करता है, जिसका लक्ष्य एक विकसित, आत्मविश्वासी और सामंजस्यपूर्ण राष्ट्र है.
  • भारत का विकास दृष्टिकोण भौतिक समृद्धि को नैतिक आचरण, भावनात्मक स्थिरता, पारिस्थितिक संतुलन और सामाजिक सद्भाव के साथ एकीकृत करता है, जो वैश्विक बहुसंकटों का समाधान करता है.
  • अद्वैत वेदांत, योग, आयुर्वेद और भक्ति जैसी प्राचीन भारतीय ज्ञान प्रणालियाँ मानसिक स्वास्थ्य संकट, पारिस्थितिक क्षरण और सामाजिक विखंडन जैसी आधुनिक चुनौतियों के लिए समाधान प्रदान करती हैं.
  • पतंजलि का अष्टांग योग परिष्कृत मन-प्रौद्योगिकी प्रदान करता है, जिसे आधुनिक न्यूरोसाइंस द्वारा मान्य किया गया है, मानसिक स्वच्छता और लचीलेपन के लिए, भारत अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के माध्यम से वैश्विक अपनाने का नेतृत्व कर रहा है.
  • आयुर्वेद निवारक, पारिस्थितिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देता है, जबकि भक्ति आंदोलन ने सामाजिक समावेश और भावनात्मक एकीकरण को बढ़ावा दिया, और अद्वैत वेदांत एकता और शासन के लिए एक आधार प्रदान करता है.

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