तिरुपरनकुंद्रम: दीपस्तंभ विवाद ने तमिलनाडु की 'असमान धर्मनिरपेक्षता' उजागर की.

ओपिनियन
N
News18•14-12-2025, 19:55
तिरुपरनकुंद्रम: दीपस्तंभ विवाद ने तमिलनाडु की 'असमान धर्मनिरपेक्षता' उजागर की.
- •भगवान मुरुगन तमिलनाडु के एक महत्वपूर्ण देवता हैं, और तिरुपरनकुंद्रम मंदिर उनके छह प्राचीन मंदिरों में से एक है, जो तमिल संस्कृति और साहित्य में गहराई से निहित है.
- •तिरुपरनकुंद्रम पहाड़ी पर मुरुगन मंदिर के आधार पर एक प्राचीन गुफा मंदिर है, जबकि पहाड़ी की चोटी पर 13वीं शताब्दी में निर्मित एक मुस्लिम दरगाह स्थित है.
- •विवाद पहाड़ी पर स्थित 'दीपाथून' पर कार्तिकई दीपम जलाने की अनुमति को लेकर है, जो एक पारंपरिक त्योहार दीपक है, जिसे जलाने का प्रयास 1862 से किया जा रहा है.
- •मद्रास उच्च न्यायालय ने फैसला सुनाया कि दीपाथून मंदिर प्रबंधन की भूमि पर है और दरगाह से 50 मीटर दूर है, इसलिए कार्तिकई दीपम जलाने की अनुमति दी गई.
- •तमिलनाडु सरकार ने अदालत के फैसले का विरोध किया है, जिससे "असमान धर्मनिरपेक्षता" और बहुसंख्यक समुदाय के अधिकारों की अनदेखी के आरोप लगे हैं.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: यह विवाद असमान धर्मनिरपेक्षता से उपजे बहुसंख्यक असंतोष को दर्शाता है.
✦
More like this
Loading more articles...





