A lamp lit at Thiruparankundram temple as part of 'Karthigai Deepam' festival celebrations in Madurai district. (PTI photo)
ओपिनियन
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News1814-12-2025, 19:55

तिरुपरनकुंद्रम: दीपस्तंभ विवाद ने तमिलनाडु की 'असमान धर्मनिरपेक्षता' उजागर की.

  • भगवान मुरुगन तमिलनाडु के एक महत्वपूर्ण देवता हैं, और तिरुपरनकुंद्रम मंदिर उनके छह प्राचीन मंदिरों में से एक है, जो तमिल संस्कृति और साहित्य में गहराई से निहित है.
  • तिरुपरनकुंद्रम पहाड़ी पर मुरुगन मंदिर के आधार पर एक प्राचीन गुफा मंदिर है, जबकि पहाड़ी की चोटी पर 13वीं शताब्दी में निर्मित एक मुस्लिम दरगाह स्थित है.
  • विवाद पहाड़ी पर स्थित 'दीपाथून' पर कार्तिकई दीपम जलाने की अनुमति को लेकर है, जो एक पारंपरिक त्योहार दीपक है, जिसे जलाने का प्रयास 1862 से किया जा रहा है.
  • मद्रास उच्च न्यायालय ने फैसला सुनाया कि दीपाथून मंदिर प्रबंधन की भूमि पर है और दरगाह से 50 मीटर दूर है, इसलिए कार्तिकई दीपम जलाने की अनुमति दी गई.
  • तमिलनाडु सरकार ने अदालत के फैसले का विरोध किया है, जिससे "असमान धर्मनिरपेक्षता" और बहुसंख्यक समुदाय के अधिकारों की अनदेखी के आरोप लगे हैं.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: यह विवाद असमान धर्मनिरपेक्षता से उपजे बहुसंख्यक असंतोष को दर्शाता है.

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