अकेमेनिड से नादिर शाह तक: 'शांतिवादी' फारस के मिथक का भंडाफोड़
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अकेमेनिड से नादिर शाह तक: 'शांतिवादी' फारस के मिथक का खंडन.
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Firstpost•03-03-2026, 17:09
अकेमेनिड से नादिर शाह तक: 'शांतिवादी' फारस के मिथक का खंडन.
•सोशल मीडिया पर प्राचीन फारस को शांतिवादी सभ्यता के रूप में गलत तरीके से पेश किया जा रहा है, जो उसके विस्तारवादी साम्राज्यों के ऐतिहासिक प्रमाणों के विपरीत है.
•नादिर शाह के 1739 के दिल्ली आक्रमण में 30,000 लोगों का क्रूर नरसंहार हुआ और मयूर सिंहासन लूटा गया, जैसा कि प्रत्यक्षदर्शियों ने दर्ज किया है.
•द ग्रेट डेरियस के अधीन अकेमेनिड साम्राज्य ने गांधार, पंजाब और सिंध पर विजय प्राप्त की, इसे एक समृद्ध प्रांत बनाया और भारतीय सैनिकों व युद्ध हाथियों को अपनी सेना में शामिल किया.
•अशुरबनिपाल (667-640 ईसा पूर्व) जैसे सम्राटों और ससानियन शासकों ने मिस्र से रोम तक के साम्राज्यों से लड़ते हुए व्यापक विजय प्राप्त की, जो फारस की लगातार सैन्य शक्ति को दर्शाता है.
•ऐतिहासिक रिकॉर्ड लगातार फारस को सैन्य शक्ति पर निर्मित एक शक्तिशाली, विस्तारवादी सभ्यता के रूप में दिखाते हैं, जो उसके स्वाभाविक रूप से शांतिवादी होने की किसी भी धारणा को चुनौती देता है.