
आरबीआई के नए नियमों के तहत, 1 अप्रैल, 2026 से सभी डिजिटल लेनदेन के लिए दो-कारक प्रमाणीकरण अनिवार्य होगा।
उपयोगकर्ताओं को 1 अप्रैल, 2026 से सभी डिजिटल लेनदेन के लिए अनिवार्य दो-कारक प्रमाणीकरण (2FA) के माध्यम से बेहतर भुगतान सुरक्षा मिलने की उम्मीद है।
हाँ, नए नियमों का उद्देश्य छोटी राशि के भुगतान धोखाधड़ी को कम करना है। ये नियम सभी डिजिटल लेनदेन के लिए दो-कारक प्रमाणीकरण अनिवार्य करते हैं।