वे कहते हैं कि बाजार के लोग 100 रुपये प्रति बांस से अधिक दाम में भी इसे खरीदते हैं. बांस की खेती न केवल किसानों के लिए एक लाभकारी विकल्प बन सकती है बल्कि यह पर्यावरण के लिए भी फायदेमंद है. यह मिट्टी की गुणवत्ता को सुधारती है. जल संरक्षण में मदद करती है और कार्बन अवशोषित करती है.
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News1829-12-2025, 20:41

अररिया के लड्डू कांत बांस की खेती से कमा रहे लाखों, 100 साल तक कमाई का जरिया.

  • अररिया के लड्डू कांत झा बांस की खेती से सालाना लाखों रुपये कमा रहे हैं, सिर्फ आधे एकड़ जमीन से.
  • एक बार लगाने पर बांस 100 साल तक उपज देता है, 3-4 साल में तैयार होने के बाद हर साल कटाई से अच्छी आय होती है.
  • बांस का उपयोग फर्नीचर, आवास और निर्माण में होता है, बाजार में इसकी अच्छी मांग है और प्रति बांस 100 रुपये से अधिक में बिकता है.
  • बांस लगाने का सबसे अच्छा समय मानसून (मार्च-मई) या सर्दी (नवंबर-दिसंबर) है, प्रति एकड़ 700-800 पौधे लगाए जा सकते हैं.
  • यह खेती न केवल लाभदायक है बल्कि पर्यावरण के लिए भी फायदेमंद है, मिट्टी की गुणवत्ता सुधारती है, जल संरक्षण करती है और कार्बन अवशोषित करती है.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: बांस की खेती लड्डू कांत झा के लिए दीर्घकालिक लाभ और पर्यावरणीय फायदे का स्रोत है.

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