एग्रीकल्चर न्यूज़ 
कृषि
N
News1806-01-2026, 05:51

अश्वगंधा: खारे पानी में भी बंपर उपज, सूखाग्रस्त क्षेत्रों के लिए वरदान.

  • अश्वगंधा सूखाग्रस्त और खारे पानी वाले क्षेत्रों के किसानों के लिए वरदान है, जो कम लागत में अधिक मुनाफा देती है.
  • यह एक नकदी फसल है जिसकी आयुर्वेदिक दवाओं में निरंतर मांग रहती है, टॉनिक, याददाश्त और तनाव कम करने में उपयोगी है.
  • खेती के लिए हल्की दोमट या रेतीली मिट्टी, 20-35°C तापमान और कम बारिश उपयुक्त है; फसल 150-180 दिनों में तैयार होती है.
  • बुवाई के लिए 7-8 किलो बीज प्रति हेक्टेयर, गहरी जुताई, खाद, और समय पर सिंचाई (खारे पानी से भी) आवश्यक है.
  • इसमें कीट और रोगों का प्रकोप कम होता है; इसकी जड़ें, पत्ते और फल औषधीय गुणों से भरपूर होते हैं.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: अश्वगंधा कम पानी और खारे पानी में भी अधिक मुनाफा देने वाली औषधीय फसल है.

More like this

Loading more articles...