वे पूरी तरह जैविक विधि से शिमला मिर्च का उत्पादन करते हैं, जिससे फसल की गुणवत्ता काफी बेहतर होती है और उत्पादन भी अच्छा मिलता है. अमित सिंह सिर्फ शिमला मिर्च तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि वे विभिन्न प्रकार की हरी सब्जियों की खेती भी कर रहे हैं. इसके अलावा उन्होंने केले की बागवानी भी शुरू की है. उनकी खेती आज अन्य किसानों के लिए प्रेरणा बन चुकी है.
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News1801-02-2026, 20:21

छपरा के किसान अमित सिंह ने शिमला मिर्च की खेती से कमाए लाखों, युवाओं के लिए बने मिसाल.

  • सारण जिले के मांझी के अमित सिंह पॉलीहाउस में विशेष शिमला मिर्च की जैविक खेती कर रहे हैं, जिससे उच्च गुणवत्ता और उपज मिल रही है.
  • उन्होंने कृषि वैज्ञानिकों से प्रशिक्षण प्राप्त किया और अब हरी सब्जियों और केले की खेती भी करते हैं.
  • शिमला मिर्च के बीज अन्य राज्यों या ऑनलाइन से मंगवाए जाते हैं, क्योंकि वे छपरा में आसानी से उपलब्ध नहीं हैं.
  • पौधे एक महीने के भीतर फल देना शुरू कर देते हैं, प्रति पौधा 5 किलो या अधिक उपज होती है, और व्यापारी सीधे खेत से खरीदते हैं.
  • किसान तीन महीने तक लगातार कटाई कर सकते हैं, जिससे प्रति किलोग्राम 70 रुपये से अधिक की कीमत पर अच्छी कमाई होती है.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: छपरा के अमित सिंह की सफल जैविक पॉलीहाउस शिमला मिर्च की खेती किसानों के लिए एक लाभदायक मॉडल है.

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