‘मैं तो पहले छोटे पैमाने पर करता था, पर एक बार मोदी जी किसी कार्यक्रम में मेरे स्टॉल पर आए और उन्होंने देखा. वह खुश हो गए और कहा कि यह तो समुंदर में होता है, तुम घर के टब में ही बना रहे हो, बहुत शानदार काम है, करते रहो. वहां से जो प्रेरणा मिली, आज यहां तक पहुंच गया. सालाना टर्नओवर 40 लाख पार है.’
रांची
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News1803-02-2026, 21:42

रांची के किसानों ने मशरूम, मिलेट और मोती से खड़ा किया करोड़ों का कारोबार

  • अमित ने मशरूम की खेती से शुरुआत की और अब पापड़, अचार, चटनी, नूडल्स सहित 25-30 उत्पाद बेचते हैं, जिससे प्रतिदिन 300 किलो मशरूम का उत्पादन होता है.
  • उनके मैदे रहित मशरूम नूडल्स और चॉकलेट रांची, बिहार और उत्तर प्रदेश में बेचे जाते हैं, जिससे सालाना दो करोड़ रुपये का कारोबार होता है.
  • सतीश महतो ने "फीडको एग्रोटेक" की स्थापना की, जिसके माध्यम से वे बाजरा और मकई के अवशेषों को मदर डेयरी जैसी बड़ी कंपनियों को बेचते हैं.
  • बुधन सिंह पूर्ति ने मोदी जी से प्रेरित होकर मोती की खेती शुरू की और "पूर्ति एग्रोटेक" के तहत मोती के लॉकेट और आभूषण बेचते हैं, जिससे 40 लाख रुपये से अधिक का वार्षिक कारोबार होता है.
  • इन किसानों ने पारंपरिक खेती से हटकर मूल्यवर्धित उत्पादों का निर्माण कर अपनी पहचान बनाई है और लाखों-करोड़ों का व्यवसाय खड़ा किया है.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: रांची के किसान मशरूम, मिलेट और मोती से नवाचार कर लाखों-करोड़ों का कारोबार कर रहे हैं.

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