धनिया की फसल 
कृषि
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News1804-02-2026, 10:16

धनिया की फसल में छाछ्या रोग का प्रकोप बढ़ा, बचाव के तरीके अपनाकर उत्पादन बढ़ाएं.

  • बदलते मौसम के कारण धनिया की फसल में छाछ्या रोग तेजी से फैल रहा है, खासकर ठंड, नमी और दिन-रात के तापमान अंतर में.
  • यह एक गंभीर फंगल रोग है जिससे पत्तियों, तनों और फूलों पर सफेद पाउडर जैसी परत जम जाती है, जिससे फसल का उत्पादन घटता है.
  • कृषि विशेषज्ञ दिनेश जाखड़ के अनुसार, रोग से पत्तियां मुरझाती हैं, रंग फीका पड़ता है और पौधे की वृद्धि रुक जाती है.
  • रासायनिक नियंत्रण के लिए प्रति हेक्टेयर 25 किलो सल्फर पाउडर का छिड़काव करें या 2 ग्राम घुलनशील सल्फर प्रति लीटर पानी का घोल स्प्रे करें.
  • जैविक तरीकों में नीम आधारित घोल (3-5 मिली नीम का तेल प्रति लीटर पानी) या छाछ/गोमूत्र का उपयोग करें; उचित जल निकासी और पौधों के बीच दूरी बनाए रखें.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: धनिया में छाछ्या रोग के नियंत्रण और बेहतर उत्पादन के लिए समय पर उपाय और उचित प्रबंधन आवश्यक है.

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