सरसों में लाही कीट का खतरा बढ़ा, कृषि एक्सपर्ट से जानें बचाव के प्रभावी उपाय

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News18•26-01-2026, 04:32
सरसों में लाही कीट का खतरा बढ़ा, कृषि एक्सपर्ट से जानें बचाव के प्रभावी उपाय
- •भारत की प्रमुख तिलहनी फसल सरसों में फूल आने के साथ लाही कीट (एफिड) का प्रकोप बढ़ गया है, जिससे फसल को भारी नुकसान हो सकता है.
- •लाही कीट छोटे, भूरे या काले रंग के होते हैं जो पौधों के कोमल पत्तों, तनों और फूलों से रस चूसते हैं, जिससे पत्तियां पीली पड़कर मुरझा जाती हैं.
- •गंभीर संक्रमण से फूलों और फलियों का विकास रुक जाता है, जिससे दानों का निर्माण नहीं होता और किसानों को भारी आर्थिक नुकसान होता है.
- •कृषि विशेषज्ञ शिव शंकर वर्मा के अनुसार, लाही कीट चिपचिपा पदार्थ छोड़ते हैं जिस पर काली फफूंद जम जाती है, जिससे प्रकाश संश्लेषण प्रभावित होता है.
- •बचाव के लिए एकीकृत कीट प्रबंधन अपनाएं: खेत की साफ-सफाई, खरपतवार हटाना, प्रति एकड़ 5-6 पीले चिपचिपे जाल लगाना और 40-45 दिन की फसल पर क्लोरपायरीफॉस 20% ईसी का छिड़काव करना.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: सरसों की फसल को लाही कीट से बचाने के लिए समय पर एकीकृत कीट प्रबंधन अपनाना आवश्यक है.
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