जीवामृत: मिट्टी को उपजाऊ बनाने और फसल उत्पादन बढ़ाने का प्राकृतिक उपाय

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News18•28-01-2026, 21:29
जीवामृत: मिट्टी को उपजाऊ बनाने और फसल उत्पादन बढ़ाने का प्राकृतिक उपाय
- •रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग से मिट्टी की उर्वरता घट रही है, जिससे किसान जैविक खेती की ओर बढ़ रहे हैं.
- •जीवामृत, गाय के गोबर, गोमूत्र, गुड़, बेसन और मिट्टी से बना एक सस्ता प्राकृतिक तरल उर्वरक है, जो मिट्टी को पुनर्जीवित करता है.
- •यह लाभकारी सूक्ष्मजीवों को बढ़ाता है, पौधों की जड़ों को मजबूत करता है और पोषक तत्वों के अवशोषण में सुधार करता है, जिससे फसलें स्वस्थ और रोग प्रतिरोधी बनती हैं.
- •घर पर आसानी से तैयार होने वाला जीवामृत खेती की लागत को काफी कम करता है और सिंचाई या छिड़काव के माध्यम से उपयोग किया जा सकता है.
- •इसके नियमित उपयोग से फसल की गुणवत्ता, उपज और जल धारण क्षमता बढ़ती है, कीटों व बीमारियों में कमी आती है, जिससे टिकाऊ और लाभदायक खेती को बढ़ावा मिलता है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: जीवामृत किसानों के लिए मिट्टी की उर्वरता बहाल करने और प्राकृतिक रूप से फसल उत्पादन बढ़ाने का एक टिकाऊ और किफायती समाधान है.
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