थारपारकर गाय 
कृषि
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News1818-12-2025, 04:40

थारपारकर गाय: पाकिस्तान से आया 'सफेद सोना', बदल रहा किसानों की किस्मत.

  • थारपारकर गाय, जिसे 'दूध का सोना' कहा जाता है, मूल रूप से पाकिस्तान के सिंध प्रांत से है.
  • यह रूखा-सूखा खाकर भी प्रतिदिन 15-18 लीटर दूध देती है और एक ब्यांत में 1500-2200 लीटर तक दूध देती है.
  • यह अत्यधिक गर्मी और ठंड सहने में सक्षम है, इसकी रोग प्रतिरोधक क्षमता अधिक है, जिससे किसानों को लाभ होता है.
  • यह मुख्य रूप से राजस्थान (बाड़मेर, जैसलमेर, जोधपुर) में पाई जाती है और अब यूपी, बिहार, महाराष्ट्र में भी पाली जा रही है.
  • इसका पालन-पोषण शिक्षित युवाओं को सशक्त बना रहा है और ग्रामीण अर्थव्यवस्थाओं को बदल रहा है, जिससे अच्छा मुनाफा मिल रहा है.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: थारपारकर गाय, एक मजबूत और अधिक दूध देने वाली नस्ल, डेयरी किसानों के लिए समृद्धि ला रही है.

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