हालांकि, एक-एक खरपतवार को हाथ से निकालना काफी मुश्किल होता है. ऐसे में दवा का छिड़काव एक अच्छा विकल्प है. गेहूं की फसल में दो तरह के खरपतवार निकलते हैं. जिसमें सकरी पत्ती और चौडी पत्ती वाले घास. सकरी पत्ती वाले खरपतवार में मोथा, जंगली जौ आदि है.
कृषि
N
News1805-01-2026, 19:40

गेहूं में खरपतवार की समस्या? अपनाएं ये तरीका, पाएं बेहतर पैदावार.

  • गेहूं की फसल में संकरी पत्ती (मोथा, जंगली जई) और चौड़ी पत्ती (गाजर घास, बथुआ) वाले खरपतवारों से छुटकारा पाना मुश्किल है.
  • खरपतवारों के दो से तीन पत्ती अवस्था में होने पर और सिंचाई के बाद मिट्टी न धंसने पर कीटनाशक का छिड़काव करें.
  • कृषि विज्ञान केंद्र आमास गया के वैज्ञानिक विमलेश कुमार पांडे ने चौड़ी पत्ती के लिए 2,4-D Sodium Salt और संकरी पत्ती के लिए Isoproturon के छिड़काव की सलाह दी.
  • छिड़काव के 5-7 दिनों में खरपतवार मर जाते हैं, पौधों में क्लोरोफिल बढ़ता है, प्रकाश संश्लेषण तेज होता है और पौधे स्वस्थ होते हैं.
  • इससे उत्पादन बढ़ता है, गुणवत्ता सुधरती है, दानों में प्रोटीन बढ़ता है और दानों का आकार भी अच्छा होता है.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: गेहूं में खरपतवार नियंत्रण से फसल का स्वास्थ्य, पैदावार और दानों की गुणवत्ता बढ़ती है.

More like this

Loading more articles...