सालाना 4 से 5 लाख रुपये की आमदनी से बच्चों की पढ़ाई, घर की जरूरतें और भविष्य की योजनाएं आसानी से पूरी हो रही हैं. इस सफलता ने यह साबित कर दिया है कि जीविका और सरकारी सहयोग के सही इस्तेमाल से ग्रामीण परिवार भी समृद्ध बन सकते हैं. बथनाहा प्रखंड में यह सास–बहू अब केवल किसान नहीं, बल्कि ग्रामीण महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता और सहयोग की मिसाल बन चुकी हैं.
सीतामढ़ी
N
News1812-02-2026, 23:28

सास-बहू की जोड़ी ने फूलों की खेती से कमाए 5 लाख, बनी आत्मनिर्भरता की मिसाल.

  • बथनाहा प्रखंड में सास-बहू की जोड़ी ने सीमित जमीन पर फूलों की खेती से सालाना 4-5 लाख रुपये की कमाई कर बड़ी सफलता हासिल की है.
  • जीविका समूह से जुड़कर उन्होंने आधुनिक फूलों की खेती शुरू की, जिससे बाजार में लगातार मांग और समय पर बिक्री के कारण उनकी आय तेजी से बढ़ी.
  • फूलों के साथ-साथ वे लौकी, भिंडी, तोरी जैसी हरी सब्जियां भी उगाती हैं, जिससे नियमित आय सुनिश्चित होती है और घर की जरूरतें भी पूरी होती हैं.
  • बहू रूबी देवी जीविका की सामुदायिक उत्प्रेरक (CM) हैं, जो अन्य ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार, बचत और सरकारी योजनाओं से जुड़ने के लिए प्रेरित करती हैं.
  • उनकी विविध कृषि पद्धतियों और कड़ी मेहनत ने परिवार को आर्थिक रूप से मजबूत बनाया है, जिससे बच्चों की शिक्षा और भविष्य की योजनाएं आसानी से पूरी हो रही हैं.

More like this

Loading more articles...