अपने ही बेटे के अपहरण का दोषी पिता: दिल्ली कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला

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News18•26-01-2026, 19:00
अपने ही बेटे के अपहरण का दोषी पिता: दिल्ली कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला
- •दिल्ली की एक अदालत ने अपने दो साल के बेटे के अपहरण के लिए एक पिता को दोषी ठहराया, इस बात पर जोर दिया कि जैविक माता-पिता भी कानूनी हिरासत के बिना बच्चे को नहीं ले जा सकते.
- •अदालत ने कहा कि मां या वर्तमान अभिभावक की सहमति के बिना बच्चे को ले जाना, जब कानूनी हिरासत स्थापित न हो, अपहरण माना जाएगा.
- •यह घटना 2017 में शुरू हुई जब पिता शाहिद ने अपने बेटे शाहज़ान को दिल्ली के जामिया नगर में उसकी नानी के घर से फ्रूटी और कपड़ों का लालच देकर ले गया, और फिर अपनी लिव-इन पार्टनर, सुनैना शर्मा के साथ फरार हो गया.
- •पुलिस ने शाहिद और सुनैना को दो महीने तक ट्रैक किया, अंततः उन्हें मंडावली बस स्टैंड पर पकड़ा जब वे शहर से भागने की कोशिश कर रहे थे.
- •अदालत ने शाहिद के जैविक पिता होने के बचाव को खारिज कर दिया, इस बात पर प्रकाश डाला कि मां की देखभाल से बच्चे को धोखे से ले जाना कानून का उल्लंघन है, और सुनैना को भी सह-अपराधी माना.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: दिल्ली कोर्ट ने जैविक पिता को बेटे के अपहरण का दोषी ठहराया, माता-पिता के अधिकारों पर कानूनी हिरासत को प्राथमिकता दी.
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