निशा की इस उद्यमिता यात्रा की शुरुआत एक साधारण से सुझाव से हुई थी. बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष दिवाली के मौके पर उनके पिता ने उन्हें मोमबत्तियों को कुछ अलग अंदाज में बनाने का विचार दिया था. इस विचार को आगे बढ़ाने के लिए उन्होंने ऑनलाइन माध्यम से 15 दिनों का प्रशिक्षण लिया और क्रिसमस के अवसर पर कैंडल निर्माण की शुरुआत की. यह काम पहले केवल एक प्रयोग था. वही आज एक सफल व्यवसाय बन चुका है.
सफलता की कहानी
N
News1812-02-2026, 23:38

15 दिन की ट्रेनिंग से कैंडल स्टार्टअप तक: निशा की कहानी, अब कमा रही 20 हजार रुपये.

  • पिता के सुझाव पर निशा ने 15 दिन की ऑनलाइन ट्रेनिंग लेकर कैंडल बनाना शुरू किया.
  • वह 100 से अधिक प्रकार की अनोखी और आकर्षक मोमबत्तियां बनाती हैं, जिनमें अचार, गाजर का हलवा जैसे डिजाइन शामिल हैं.
  • उनकी मोमबत्तियां धुआं रहित जलती हैं और विभिन्न सुगंधों से वातावरण को भर देती हैं; कुछ दो दिन तक जल सकती हैं.
  • निशा अब मोमबत्तियों से 15 से 20 हजार रुपये प्रति माह कमा रही हैं और कस्टमाइज्ड मोमबत्तियां भी बनाती हैं.
  • हजारीबाग की निशा कुमारी की कहानी आत्मनिर्भरता, नए विचारों और आत्मविश्वास का संदेश देती है.

More like this

Loading more articles...