पत्नी के साथ मिल कर दो हजार रुपए से 5 आम के पौधा से नर्सरी की शुरुआत की. दिन रात उसी को आगे बढ़ाने लगे. शुरुआत में काफी दिक्कत हुई. कभी मौसम का मार तो कभी बाजार की स्थिति ने आर्थिक रूप से कमजोर किया. लेकिन हौसला और पत्नी की सपोर्ट की बदौलत आज हमारी नर्सरी जिसमें करीब 3 लाख से अधिक पौधा है. लगभग 1.5 करोड़ की संपत्ति खरी कर दी हुई हैं.
सफलता की कहानी
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News1831-12-2025, 20:40

2 हजार से 1.5 करोड़ का कारोबार: पत्नी के सहारे लखिंद्रा ने बदली किस्मत.

  • पिता की मृत्यु के बाद 15 साल की उम्र में लखिंद्रा पर घर की जिम्मेदारी आ गई, भाई ने भी साथ छोड़ दिया.
  • पत्नी के साथ मिलकर उन्होंने 2,000 रुपये और 5 आम के पौधों से नर्सरी शुरू की.
  • शुरुआती कठिनाइयों, खराब मौसम और बाजार की चुनौतियों के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी.
  • आज उनकी नर्सरी में 3 लाख से अधिक पौधे हैं और 1.5 करोड़ रुपये की संपत्ति खड़ी की है.
  • पत्नी का अटूट समर्थन और प्रेरणा उनकी सफलता की कुंजी रही, जिसने उपहास को सम्मान में बदला.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: लखिंद्रा की कहानी बताती है कि कड़ी मेहनत, ईमानदारी और पत्नी का साथ असंभव को संभव बनाता है.

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