हाथियों के अलावा लोगों की मदद से बिछाई जाती थीं पटरियां.
रेलवे
N
News1805-01-2026, 12:07

हाथियों से वंदे भारत तक: भारतीय रेल का अद्भुत सफर, दुर्लभ तस्वीरें सामने आईं.

  • पहले भारत में रेल पटरियां बिछाने के लिए हाथियों और इंसानों का इस्तेमाल होता था, क्योंकि आधुनिक मशीनें नहीं थीं.
  • केरल और असम जैसे राज्यों में हाथियों का उपयोग भारी पटरियों और सामग्री को एक जगह से दूसरी जगह ले जाने के लिए व्यापक रूप से किया जाता था.
  • यह प्रक्रिया धीमी थी, इसमें बहुत अधिक श्रम लगता था और अक्सर मजदूरों को चोटें आती थीं; सिग्नल भी मैन्युअल रूप से बनाए जाते थे.
  • हाथियों को काम के लिए ट्रेनों द्वारा विभिन्न स्थानों पर ले जाया जाता था, जो शुरुआती रेल विस्तार में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका को दर्शाता है.
  • आज, आधुनिक मशीनें तेजी से ट्रैक निर्माण करती हैं और भारतीय ट्रेनों में कवच तकनीक सुरक्षा बढ़ाती है, जो अतीत से एक बड़ा बदलाव है.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: दुर्लभ तस्वीरें हाथियों से वंदे भारत तक भारतीय रेलवे के ऐतिहासिक विकास को दर्शाती हैं.

More like this

Loading more articles...