India’s silver demand is soaring, driven by investment and industrial use, especially solar energy. (AI Generated)
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News1801-01-2026, 09:49

भारत की चांदी की लत: 90% मांग विदेशों से क्यों आती है?

  • भारत सांस्कृतिक महत्व, निवेश और सौर ऊर्जा व इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे औद्योगिक उपयोगों के कारण दुनिया के सबसे बड़े चांदी उपभोक्ताओं में से एक है.
  • 5,000-7,000 टन की वार्षिक मांग के बावजूद, घरेलू उत्पादन केवल 700-800 टन है, जो मुख्य रूप से हिंदुस्तान जिंक से उप-उत्पाद के रूप में आता है.
  • भारत अपनी 80-90% चांदी का आयात करता है, जिसमें मेक्सिको सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता है, उसके बाद चीन, अर्जेंटीना और चिली हैं.
  • चांदी की खपत के पैटर्न बदल गए हैं; औद्योगिक और निवेश उपयोग अब पारंपरिक उद्देश्यों के साथ-साथ 40-60% मांग के लिए जिम्मेदार हैं.
  • वैश्विक कमी के कारण 2025 में चांदी की कीमतें 2 लाख रुपये प्रति किलोग्राम तक बढ़ गईं, लेकिन मजबूत औद्योगिक और निवेश मांग ने कुल खपत को बनाए रखा.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: भारत की भारी चांदी की मांग आयात पर बहुत अधिक निर्भर करती है, यह प्रवृत्ति मूल्य वृद्धि के बावजूद जारी रहने की उम्मीद है.

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