भारत की चांदी की प्यास: 90% आयात पर निर्भर, मांग और कीमतें बढ़ीं.

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News18•31-12-2025, 17:27
भारत की चांदी की प्यास: 90% आयात पर निर्भर, मांग और कीमतें बढ़ीं.
- •भारत चांदी का एक प्रमुख वैश्विक उपभोक्ता है, जिसकी मांग पारंपरिक, निवेश और औद्योगिक उपयोगों (सौर, इलेक्ट्रॉनिक्स) से प्रेरित है.
- •घरेलू उत्पादन बहुत कम है (5,000-7,000 टन मांग के मुकाबले 700-800 टन), मुख्य रूप से राजस्थान में हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड द्वारा जस्ता खनन का उप-उत्पाद है.
- •भारत अपनी चांदी की 80-90% आवश्यकता आयात करता है, मुख्य रूप से मेक्सिको, चीन, अर्जेंटीना और चिली से, जिससे यह वैश्विक कीमतों के प्रति संवेदनशील है.
- •खपत के पैटर्न बदल गए हैं: औद्योगिक और निवेश की मांग अब पारंपरिक आभूषण/पूजा उपयोगों के बराबर है.
- •2025 में कीमतों में भारी वृद्धि (>2 लाख रुपये/किलो) और वैश्विक कमी के बावजूद, औद्योगिक और निवेश क्षेत्रों से कुल मांग उच्च बनी रही.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: भारत की चांदी की मांग घरेलू आपूर्ति से कहीं अधिक है, जिससे आयात पर भारी निर्भरता बनी रहेगी.
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