नोएडा में इंजीनियर की मौत: DMRC की सुरक्षा व्यवस्था बनी मिसाल, जानें कैसे

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News18•28-01-2026, 16:06
नोएडा में इंजीनियर की मौत: DMRC की सुरक्षा व्यवस्था बनी मिसाल, जानें कैसे
- •नोएडा सेक्टर 150 में एक इंजीनियर की पानी से भरे गड्ढे में डूबने से मौत हो गई, जहां न कोई साइन बोर्ड था और न ही सुरक्षा बैरियर.
- •दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने निर्माण स्थलों पर 20 किमी बैरिकेडिंग, 17 किमी LED लाइटें और ब्लिंकर, तथा 270 ट्रैफिक मार्शल तैनात कर सुरक्षा का उच्च मानक स्थापित किया है.
- •DMRC ने भारी मशीनरी के आवागमन के दौरान सुरक्षा के लिए विशेष 'इम्पैक्ट प्रोटेक्शन व्हीकल्स' पेश किए हैं, जो तेज रफ्तार वाहनों के प्रभाव को झेलने में सक्षम हैं.
- •सर्दियों में कम दृश्यता के लिए, DMRC बैरिकेड्स पर LED लाइट रोप, ब्लिंकर और फॉग लाइट लगाता है, साथ ही श्रमिकों के जैकेट पर रिफ्लेक्टिव टेप का उपयोग करता है.
- •DMRC डायवर्जन पर तीन-स्तरीय सुरक्षा प्रणाली लागू करता है, रीसाइकिल किए गए कचरे से बने कंक्रीट क्रैश बैरियर का उपयोग करता है, और ठेकेदारों के लिए सख्त सुरक्षा दिशानिर्देश अनिवार्य करता है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: DMRC की व्यापक सुरक्षा व्यवस्था नोएडा की दुखद घटना के विपरीत एक मजबूत उदाहरण प्रस्तुत करती है.
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