हनुमानजी का पंचमुखी अवतार: क्यों लिया और कहाँ है 161 फुट की प्रतिमा?
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News1829-12-2025, 16:41

हनुमानजी का पंचमुखी अवतार: क्यों लिया और कहाँ है 161 फुट की प्रतिमा?

  • हनुमानजी ने अहिरावण को परास्त कर भगवान राम और लक्ष्मण को पाताल लोक से बचाने के लिए पंचमुखी अवतार लिया था.
  • अहिरावण का जीवन पांच दीपकों में निहित था, जिन्हें एक साथ बुझाने के लिए हनुमानजी ने यह रूप धारण किया.
  • पंचमुखी अवतार के पांच मुख वराह, गरुड़, वानर, नरसिंह और अश्व हैं.
  • कर्नाटक के तुमकुरु जिले के बिडंगेरे में 161 फुट ऊंची पंचमुखी अंजनेय स्वामी की विशाल प्रतिमा स्थापित है.
  • भक्तों का मानना है कि इस मंदिर के दर्शन से मनोकामनाएं पूरी होती हैं, भय और शत्रुओं से मुक्ति मिलती है.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: हनुमानजी का पंचमुखी अवतार उनकी शक्ति और सुरक्षा का प्रतीक है, जिसकी भव्य प्रतिमा कर्नाटक में पूजी जाती है.

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