मकर संक्रांति पर उग्रतारा मंदिर में आधी रात को 56 व्यंजनों का भोग, सूर्य पूजा से पहले दर्शन.

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News18•09-01-2026, 18:37
मकर संक्रांति पर उग्रतारा मंदिर में आधी रात को 56 व्यंजनों का भोग, सूर्य पूजा से पहले दर्शन.
- •बिहार के उग्रतारा मंदिर में मकर संक्रांति पर सूर्य पूजा से पहले मां उग्रतारा की भव्य पूजा की जाती है.
- •मकर संक्रांति की आधी रात को मां को 56 प्रकार के व्यंजनों का भोग लगाया जाता है, जिसमें शाकाहारी और मांसाहारी दोनों शामिल होते हैं.
- •यह मंदिर सहरसा के महिषी गांव में स्थित है और इसे महिषासुरमर्दिनी मंदिर भी कहा जाता है, यह 51 शक्तिपीठों में से एक है.
- •मान्यता है कि यहां माता सती की बाईं आंख गिरी थी, जिससे यह स्थान उग्रतारा शक्तिपीठ कहलाया; तांत्रिक अनुष्ठान भी होते हैं.
- •भक्तों का मानना है कि यहां दर्शन करने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं, सुख-समृद्धि आती है और काले जादू का प्रभाव कमजोर होता है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: बिहार का उग्रतारा मंदिर एक अनूठा शक्तिपीठ है जहां मकर संक्रांति पर आधी रात को मां को भव्य भोग लगाया जाता है.
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