नई दिल्ली. अमरीश पुरी ने अपने करियर में ज्यादातर नेगेटिव रोल ही निभाए हैं. उनकी गिनती हिंदी फिल्‍म इंडस्‍ट्री के उन महान कलाकारों में होती थी, जिनके निभाए किरदार अमर हो जाया करते थे. उनकी गिनती इंडस्ट्री के सबसे खतरनाक खलनायकों में होती है.इंडस्ट्री में उन्हें पहचान ही विलेन के रोल से मिली थी.
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News1812-01-2026, 04:01

सरकारी नौकरी छोड़ बने एक्टर अमरीश पुरी, 'मोगैम्बो' ने दी ताउम्र पहचान.

  • अमरीश पुरी ने 40 साल की उम्र के आसपास हिंदी सिनेमा में अपनी पहचान बनाई और लगभग 400 फिल्मों में काम किया.
  • नवांशहर, पंजाब में जन्मे, उन्हें 22 साल की उम्र में अपने पहले स्क्रीन टेस्ट में अस्वीकृति का सामना करना पड़ा और उन्होंने कर्मचारी राज्य बीमा निगम में सरकारी नौकरी की.
  • उन्होंने अपनी नौकरी के साथ थिएटर किया और अपने मंच प्रदर्शन के लिए संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार जीता.
  • उनकी सफलता 1987 की फिल्म 'मिस्टर इंडिया' से मिली, जहाँ मोगैम्बो के उनके किरदार ने उन्हें अमर कर दिया.
  • अमरीश पुरी का 12 जनवरी, 2005 को निधन हो गया, लेकिन उनकी दमदार आवाज, प्रभावशाली उपस्थिति और यादगार संवाद आज भी लोगों के दिलों में जिंदा हैं.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: अमरीश पुरी का सरकारी कर्मचारी से प्रतिष्ठित खलनायक बनने का सफर जुनून और दृढ़ता की कहानी है.

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