Basu Chatterjee Best movies : ये दास्ता है बॉलीवुड के उस महान फिल्ममेकर की जिन्होंने मिडिल वर्ग को ध्यान में रखकर फिल्में बनाईं. इन फिल्मों में एक अपनापन था. हर घर की कहानी थी. भारतीय समाज के मुद्दे थे. इन कहानियों को पर्दे पर हल्के-फुलके अंदाज में उतारने का काम बासु चटर्जी ने किया. 10 जनवरी 1930 को अजमेर शहर में जन्मे बासु चटर्जी ने 70 और 80 के दशक में कम बजट की ऐसी फिल्में बनाईं जिन्होंने दर्शकों पर अमिट छाप छोड़ी.  आज इन फिल्मों की गिनती कल्ट क्लासिक मूवी में होती है. बासु चटर्जी बतौर डायरेक्टर और स्क्रीन राइटर बहुत मशहूर हुए. यह बात बहुत ही कम लोग जानते होंगे कि बासु चटर्जी ने 18 साल तक बतौर कार्टूनिस्ट भी काम किया. गीतकार शैलेंद्र की 'तीसरी कसम' फिल्म से अपने करियर की शुरुआत की. फिर इन्होंने 'सारा आकाश' फिल्म बनाई जो कि उपन्यासकार राजेंद्र यादव के उपन्यास पर बेस्ड थी. इस फिल्म के बासु चटर्जी को बेस्ट स्क्रीनप्ले फिल्मफेयर अवॉर्ड भी मिला.
फिल्में
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News1805-01-2026, 16:27

अमिताभ बच्चन के स्टारडम के बीच आईं बासु चटर्जी की 4 कालजयी फिल्में.

  • बासु चटर्जी ने 1972-1976 के बीच चार कालजयी, कम बजट की फिल्में बनाईं: *Piya Ka Ghar*, *Rajnigandha*, *Chhoti Si Baat* और *Chitchor*.
  • ये फिल्में दिल को छू लेने वाली, relatable कहानियाँ थीं, जिनमें अक्सर Amol Palekar होते थे, जो उस दौर के mainstream stardom से अलग थीं.
  • *Piya Ka Ghar* (1972) में Jaya Bhaduri और Anil Dhawan थे, जो मुंबई के जीवन संघर्षों को दर्शाती थी.
  • Amol Palekar की पहली फिल्म *Rajnigandha* (1974) ने तीन Filmfare Awards जीते और एक महिला की भावनात्मक दुविधा को दर्शाया.
  • *Chhoti Si Baat* (1975) एक superhit romantic comedy थी, और *Chitchor* (1976) ने दो National Awards जीते, जिससे Zarina Wahab के करियर को बढ़ावा मिला.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: बासु चटर्जी की चार कम बजट की फिल्मों ने relatable कहानियाँ पेश कीं, जिन्हें समीक्षकों और व्यावसायिक सफलता मिली.

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