मोहम्मद रफ़ी: नाई की दुकान से बॉलीवुड के बादशाह तक का सफ़र.

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News18•24-12-2025, 12:39
मोहम्मद रफ़ी: नाई की दुकान से बॉलीवुड के बादशाह तक का सफ़र.
- •मोहम्मद रफ़ी, जिनका जन्म 1924 में हुआ, कोटला सुल्तान सिंह से निकलकर 50 से 70 के दशक तक अपनी जादुई आवाज़ से बॉलीवुड पर राज किया.
- •उनके बड़े भाई मोहम्मद हामिद ने उनकी प्रतिभा को तब पहचाना जब रफ़ी लाहौर में अपनी नाई की दुकान के पास एक फ़कीर की नकल करते थे.
- •13 साल की उम्र में, रफ़ी को आकाशवाणी लाहौर में पहला सार्वजनिक मौका मिला, जहाँ उन्होंने संगीत निर्देशक श्याम सुंदर को प्रभावित किया, जिन्होंने उन्हें 'गुल बलोच' (1944) में पहला गाना दिया.
- •नौशाद ने उन्हें 'अनमोल घड़ी' (1946) से बॉलीवुड में लॉन्च किया; 'बैजू बावरा' (1951) के बाद रफ़ी का करियर आसमान छू गया, जिससे वे एक कालातीत आइकन बन गए.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: मोहम्मद रफ़ी का नाई की दुकान से बॉलीवुड के बादशाह बनने का सफ़र उनकी अद्वितीय प्रतिभा और भाई के समर्थन को दर्शाता है.
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