राजेश खन्ना का लकी चार्म: कैसे एक मौत के सीन ने दी 5 सुपरहिट और एक कल्ट क्लासिक फिल्म

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News18•23-01-2026, 15:28
राजेश खन्ना का लकी चार्म: कैसे एक मौत के सीन ने दी 5 सुपरहिट और एक कल्ट क्लासिक फिल्म
- •1969 से 1974 के बीच, राजेश खन्ना ने अपनी फिल्मों में अपने किरदार की मौत का एक खास सीन रखने पर जोर दिया, उनका मानना था कि यह उनके लिए भाग्यशाली था.
- •इनमें से पांच फिल्में—"आराधना," "सफर," "नमक हराम," और "रोटी" (दो संस्करण)—ब्लॉकबस्टर बनीं, जबकि "आनंद" को कल्ट क्लासिक का दर्जा मिला.
- •"नमक हराम" में, राजेश खन्ना की जिद के कारण स्क्रिप्ट में बदलाव हुआ, जिसमें अमिताभ बच्चन के बजाय उनके किरदार की मौत हुई, जिससे अभिनेताओं और निर्देशक हृषिकेश मुखर्जी के बीच तनाव पैदा हुआ.
- •"आराधना" (1969) ने राजेश खन्ना को सुपरस्टारडम दिलाया, जिसमें उन्होंने दोहरी भूमिका निभाई और एक किरदार फिल्म के बीच में मर जाता है.
- •"आनंद" (1971), जिसमें अमिताभ बच्चन भी थे, को एक कालातीत क्लासिक माना जाता है, जहाँ राजेश खन्ना के किरदार की मौत ने दर्शकों के साथ गहराई से जुड़ाव बनाया.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: राजेश खन्ना का अपने किरदार की मौत के सीन को लेकर अनोखा अंधविश्वास 1970 के दशक में उनकी अद्वितीय सफलता का कारण बना.
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