Bollywood Movies without Opening Credits : फिल्म की शुरुआत या लास्ट में स्क्रीन पर क्रेडिट दिए जाने का ट्रेंड वर्षों पुराना है. स्क्रीन पर हीरो-हीरोइन-विलेन, गीतकार-संगीतकार के नाम आते ही मन रोमांचित हो जाता है. 70-80 के दशक में कुछ डायरेक्टर ने अपनी पहचान हीरो-हीरोइन से भी बड़ी कर ली. उन्होंने कई बार अपनी फिल्मों में किसी भी कलाकार को क्रेडिट दिए बिना फिल्में रिलीज कीं. इन फिल्मों में सिर्फ डायरेक्टर-प्रोड्यूसर के बैनर का जिक्र था. कई मूवी में तो लास्ट सीन में फिल्म के बैनर का जिक्र था. 9 साल के अंतराल में ऐसी ही तीन फिल्में सिनेमाघरों में आईं. तीन फिल्मों में दो ब्लॉकबस्टर रहीं. तीसरी फिल्म हिट रही. ये फिल्में कौन सी थीं और वो डायरेक्टर-प्रोड्यूसर कौन था, आइये जानते हैं.........
फिल्में
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News1828-01-2026, 18:17

बिना क्रेडिट के ब्लॉकबस्टर: तीन फिल्मों ने रचा इतिहास, सुपरस्टार्स ने की बंपर कमाई.

  • ऋषिकेश मुखर्जी की 'बावर्ची' (1972) में राजेश खन्ना और जया भादुड़ी ने अभिनय किया, जिसमें अभिनेताओं को कोई ऑन-स्क्रीन क्रेडिट नहीं दिया गया; अमिताभ बच्चन ने वॉयस-ओवर परिचय प्रदान किया.
  • मनमोहन देसाई की 'नसीब' (1981) में अमिताभ बच्चन, शत्रुघ्न सिन्हा और हेमा मालिनी थे, इसमें भी मुख्य कलाकारों के लिए कोई शुरुआती क्रेडिट नहीं था.
  • प्रकाश मेहरा की 'मुकद्दर का सिकंदर' (1978), जिसमें अमिताभ बच्चन, रेखा और विनोद खन्ना ने अभिनय किया, ने भी अपने सितारों के लिए शुरुआती क्रेडिट छोड़ दिए.
  • क्रेडिट के प्रति अपने अपरंपरागत दृष्टिकोण के बावजूद, तीनों फिल्में बड़े बॉक्स ऑफिस पर सफल रहीं, पारंपरिक फिल्म निर्माण मानदंडों को चुनौती दी.
  • यह लेख दिग्गज निर्देशकों ऋषिकेश मुखर्जी, मनमोहन देसाई और प्रकाश मेहरा के करियर और हिंदी सिनेमा पर उनके प्रभाव पर प्रकाश डालता है.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: तीन प्रतिष्ठित फिल्मों ने अपने सुपरस्टार लीड को क्रेडिट न देने के बावजूद ब्लॉकबस्टर का दर्जा हासिल किया, यह साबित करते हुए कि अपरंपरागत तरीके सफल हो सकते हैं.

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