गंगा जल संधि समाप्त होने वाली: बांग्लादेश की अधिक मांग, भारत छोटे कार्यकाल पर विचार.

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News18•06-01-2026, 17:05
गंगा जल संधि समाप्त होने वाली: बांग्लादेश की अधिक मांग, भारत छोटे कार्यकाल पर विचार.
- •भारत-बांग्लादेश गंगा जल बंटवारा संधि, जो फरक्का बैराज पर प्रवाह को नियंत्रित करती है, 2026 में समाप्त हो रही है, जिससे नवीनीकरण पर चिंताएं बढ़ गई हैं.
- •भारत-यूनुस सरकार के तनावपूर्ण संबंधों और बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के उत्पीड़न सहित भू-राजनीतिक तनाव नवीनीकरण वार्ता को जटिल बनाते हैं.
- •मूल संधि में पीएम हसीना, देब गौड़ा और पश्चिम बंगाल के सीएम ज्योति बसु शामिल थे; वर्तमान स्थिति में गंगा के प्रवाह में कमी दोनों देशों को प्रभावित कर रही है.
- •बांग्लादेश की पद्मा नदी सूख रही है, जिससे नेविगेशन और सिंचाई प्रभावित हो रही है, ढाका फरवरी से मई तक न्यूनतम 40,000 क्यूसेक की मांग कर रहा है.
- •भारत संधि की अवधि 30 से घटाकर 10-15 साल करने का प्रस्ताव कर सकता है, जबकि पश्चिम बंगाल की मांगें किसी भी नए समझौते के लिए महत्वपूर्ण हैं.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: भारत-बांग्लादेश गंगा जल संधि का नवीनीकरण जटिल भू-राजनीतिक, पर्यावरणीय और राजनीतिक चुनौतियों का सामना कर रहा है.
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