इसके बाद चूल्हे की तेज आंच पर भूनकर इसे हड्डियों के अंदर तक लोहे की रोड से सुराख किए जाते हैं ताकि अच्छी तरह पक जाए. उसके बाद दोबारा कुकर में हल्दी और मसाले डालकर घंटों तक अच्छी तरह से पकाया जाता है. आखिर में पायों से निकले रस को कुकर से निकलकर गिलास में भरकर ग्राहक को दिया जाता है. जिसे ग्राहक अपने स्वाद के अनुसार इसमें जलजीरा भी मिलाकर आनंद लेते हैं.
बोकारो
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News1830-12-2025, 19:48

बोकारो का 25 साल पुराना मटन पाया सूप: रोज बिकते हैं 120 गिलास, कीमत सिर्फ 20 रुपये.

  • बोकारो के आकाश होटल का मटन पाया सूप 25 साल से मशहूर है, जिसे पारंपरिक तरीके से बनाया जाता है.
  • दुकान मालिक आकाश के अनुसार, प्रतिदिन 100-120 गिलास मटन पाया सूप बिकते हैं, जिसकी कीमत मात्र 20 रुपये है.
  • सूप बनाने की प्रक्रिया में मटन के पायों को साफ करना, भूनना और घंटों तक मसालों के साथ पकाना शामिल है.
  • मटन पाया गोदी भी 80 रुपये प्रति पीस में उपलब्ध है, और ग्राहक दोपहर 2 बजे से रात 8:30 बजे तक इसका आनंद ले सकते हैं.
  • सेक्टर-9 बी रोड के सामने स्थित यह होटल मुकेश कुमार जैसे ग्राहकों का सर्दियों में पसंदीदा है.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: बोकारो का आकाश होटल 25 साल से पारंपरिक मटन पाया सूप 20 रुपये में बेचकर ग्राहकों को आकर्षित कर रहा है.

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