प्रकृति का मृत्यु-आदेश: पक्षी घोंसलों में ही दम तोड़ रहे, समुद्र तट पर बिछी लाशें. कौन बचेगा और कौन समाप्त होगा?
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कुदरत का 'डेथ वारंट': भीषण गर्मी से परिंदे घोंसलों में मरे, समुद्र किनारे लाशें.
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News18•14-03-2026, 20:20
कुदरत का 'डेथ वारंट': भीषण गर्मी से परिंदे घोंसलों में मरे, समुद्र किनारे लाशें.
•पश्चिमी कनाडा और उत्तरी अमेरिका में 'हीट डोम' की घटनाओं से जीवों की बड़े पैमाने पर मौतें हुईं, घोंसलों में पक्षियों से लेकर समुद्र तटों पर समुद्री जीवों तक.
•डॉ. जूलिया बॉम के शोध से पता चला कि गतिशीलता जीवित रहने के लिए महत्वपूर्ण थी; समुद्री घोंघे जैसे स्थिर जीव नष्ट हो गए, जबकि ठंडे स्थानों पर जाने वाले बच गए.
•'बे मसल्स' और 'बार्नकल्स' जैसे समुद्री जीवों में 92% और 50% से अधिक मृत्यु दर देखी गई, जिससे पूरी खाद्य श्रृंखला बाधित हुई.
•तेजी से बर्फ पिघलने से नदियों में समय से पहले बहाव हुआ, जिससे अगस्त में 'सैल्मन' के लिए घातक सूखा पड़ा; जंगल की आग 395% बढ़ी, मिट्टी कमजोर हुई और बाढ़ का खतरा बढ़ा.
•वैज्ञानिकों ने आसन्न पर्यावरणीय संकट की चेतावनी दी है, प्रजातियों के विलुप्त होने से रोकने के लिए 'मॉनिटरिंग नेटवर्क' और आश्रय स्थलों की सुरक्षा का आग्रह किया है.