बुरी नज़र से बचाता है 'दृष्टि बोम्मा': जानें इसका पौराणिक महत्व और वास्तु लाभ

जीवनशैली
N
News18•12-01-2026, 17:11
बुरी नज़र से बचाता है 'दृष्टि बोम्मा': जानें इसका पौराणिक महत्व और वास्तु लाभ
- •दृष्टि बोम्मा, जिसे संस्कृत में कीर्तिमुख कहते हैं, दक्षिण भारत में घरों और मंदिरों के प्रवेश द्वार पर बुरी नज़र से बचाने के लिए लगाया जाता है.
- •यह माना जाता है कि यह आने वाले व्यक्ति की ईर्ष्या या नकारात्मक ऊर्जा को दूर करता है, जिससे घर की समृद्धि और शांति बनी रहती है.
- •स्कंद पुराण के अनुसार, भगवान शिव ने एक राक्षस बनाया था जिसने उनके आदेश पर खुद को खा लिया, केवल उसका चेहरा बचा रहा.
- •शिव ने राक्षस की आज्ञाकारिता से प्रसन्न होकर उसे 'कीर्तिमुख' नाम दिया और उसे गोपुरमों और मंदिरों के प्रवेश द्वारों पर रहने का वरदान दिया.
- •आधुनिक दृष्टि बोम्मा विभिन्न सामग्रियों से बने होते हैं और वास्तु शास्त्र के अनुसार घर के मुख्य द्वार पर ऊर्जा संतुलन बनाए रखने में मदद करते हैं.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: दृष्टि बोम्मा, पौराणिक कथाओं और वास्तु में निहित, नकारात्मक ऊर्जा के खिलाफ एक सुरक्षा कवच है.
✦
More like this
Loading more articles...




