फेफड़ों के कैंसर में वृद्धि: धूम्रपान न करने वाले भी खतरे में, पर्यावरणीय कारक जिम्मेदार

जीवनशैली
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News18•04-02-2026, 17:40
फेफड़ों के कैंसर में वृद्धि: धूम्रपान न करने वाले भी खतरे में, पर्यावरणीय कारक जिम्मेदार
- •WHO के अनुसार, फेफड़ों का कैंसर तेजी से बढ़ रहा है, एक महामारी बन रहा है और विश्व स्तर पर कैंसर से संबंधित मौतों का प्रमुख कारण है.
- •जबकि धूम्रपान 85-90% मामलों के लिए जिम्मेदार है, आनुवंशिक और पर्यावरणीय कारकों के कारण धूम्रपान न करने वालों में फेफड़ों के कैंसर में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है.
- •सेकेंड हैंड धुएं के संपर्क में आने से धूम्रपान न करने वाले व्यक्ति में फेफड़ों के कैंसर का खतरा बढ़ जाता है, अध्ययनों से पता चला है कि धूम्रपान करने वालों के भागीदारों के लिए 27% अधिक जोखिम होता है.
- •वायु प्रदूषण, विशेष रूप से PM2.5 और PM10, को ग्रुप वन कार्सिनोजेन के रूप में वर्गीकृत किया गया है, जिससे फेफड़ों के कैंसर की घटना और मृत्यु दर बढ़ जाती है.
- •धूम्रपान न करने वालों में फेफड़ों का कैंसर अक्सर विशिष्ट जीन उत्परिवर्तन (ऑन्कोजीन-एडिक्टेड) द्वारा संचालित होता है, जिससे लक्षित दवा उपचार संभव हो पाता है.
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