तेल-मसाले रहित आंवले का अचार: झारखंड की पारंपरिक विधि से पाचन बढ़ाएं, रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत करें!

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News18•17-12-2025, 11:47
तेल-मसाले रहित आंवले का अचार: झारखंड की पारंपरिक विधि से पाचन बढ़ाएं, रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत करें!
- •झारखंड में पारंपरिक आंवले का अचार बिना तेल या मसालों के, सिर्फ नमक और सिरके से बनता है.
- •यह सर्दियों में आदिवासी लोगों द्वारा तैयार किया जाता है, जो स्वादिष्ट, स्वास्थ्यवर्धक और पाचन तंत्र को मजबूत करता है.
- •आंवले को नमक वाले पानी में उबालकर, फांकें अलग करके नमक और सिरका मिलाया जाता है.
- •इसे 7-10 दिनों तक धूप में रखा जाता है और यह बिना किसी संरक्षक के एक साल तक चलता है.
- •विटामिन सी से भरपूर यह अचार रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है, त्वचा-बालों के लिए अच्छा है और सूजन कम करता है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: झारखंड का तेल-रहित आंवले का अचार पाचन और रोग प्रतिरोधक क्षमता के लिए एक स्वस्थ पारंपरिक उपाय है.
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