Loading...
अमर तिमुल: पहचान, उपस्थिति, उगने के क्षेत्र और दर्द-घाव में उपयोग की संपूर्ण जानकारी.
LIVE TV
LOCAL
HINDI
आपके लिए
मनोरंजन
राष्ट्रीय
खेल
बाजार
व्यवसाय और अर्थव्यवस्था
जीवनशैली
विश्व
ज्योतिष और धर्म
प्रौद्योगिकी
शिक्षा और नौकरियाँ
ऑटो
राजनीति
वायरल
विचार
Home
Local
Live TV
Loading more articles...
अमर तिमुल: हिमालयी वृक्ष का पारंपरिक दर्द निवारक और घाव भरने वाला रहस्य.
N
News18
•
12-03-2026, 18:13
अमर तिमुल: हिमालयी वृक्ष का पारंपरिक दर्द निवारक और घाव भरने वाला रहस्य.
•
अमर तिमुल एक औषधीय वृक्ष है जो मुख्य रूप से उत्तराखंड के कुमाऊं और गढ़वाल के पहाड़ी क्षेत्रों में पाया जाता है.
•
इसके तने से निकलने वाला चिपचिपा दूधिया रस, जिसे स्थानीय रूप से 'चोप' कहते हैं, दर्द, सूजन और घाव भरने में पारंपरिक रूप से उपयोग होता है.
•
इसकी पहचान खुरदुरी भूरी छाल, चौड़ी गहरी हरी पत्तियों और कटने पर निकलने वाले दूधिया रस से होती है.
•
ग्रामीण छाल पर हल्का कट लगाकर रस निकालते हैं और इसे सीधे प्रभावित क्षेत्र पर लगाते हैं.
•
उपयोग में सावधानी बरतें: सही पहचान, एलर्जी परीक्षण और गंभीर मामलों में डॉक्टर की सलाह आवश्यक है.
News18 पर हिंदी में पूरा लेख पढ़ें
✦
More like this
✦
More like this
मालदा के बुनकर: आधुनिक मशीनों के बीच परंपरा की 'खटखट' और जीवन का संघर्ष.
N
News18
दूध या जहर? गोशाला में मिलावट रैकेट का भंडाफोड़, तीन गिरफ्तार.
N
News18
महाशिवरात्रि पर भक्तिमय हुआ RPF कॉलोनी मंदिर, अखंड रामायण पाठ और 24 घंटे हरिनाम जप.
N
News18
पलामू टाइगर रिजर्व ने रचा इतिहास: झारखंड में पहली बार जंगली हाथी का सफल इन-हाउस उपचार.
N
News18
मेरठ का गगोल तीर्थ: भगवान श्रीराम और विश्वामित्र के आश्रम का रहस्यमय संबंध.
N
News18
हस्तिनापुर का द्रौपदी मंदिर: कृष्ण के चमत्कार और चमत्कारी जल का साक्षी.
N
News18