Meethe Chawal: One of the most iconic dishes of Basant Panchami is Meethe Chawal, also known as sweet saffron rice. Prepared with basmati rice, sugar, milk, ghee, cardamom, and a touch of turmeric or saffron, the dish radiates a golden hue. Dry fruits like almonds, cashews, and raisins add richness. Traditionally offered as bhog to Goddess Saraswati, Meethe Chawal is both comforting and festive, symbolizing abundance and sweetness in life. (Image: Canva)
जीवनशैली
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News1821-01-2026, 14:00

बसंत पंचमी 2026: देवी सरस्वती के लिए पारंपरिक पीले व्यंजन

  • 23 जनवरी को मनाई जाने वाली बसंत पंचमी 2026, देवी सरस्वती की पूजा के साथ-साथ समृद्धि, ऊर्जा और खुशी का प्रतीक पीले खाद्य पदार्थों का उत्सव है.
  • वसंत पंचमी के रूप में भी जाना जाने वाला यह त्योहार वसंत के आगमन का प्रतीक है और ज्ञान, विद्या और कला की देवी सरस्वती का सम्मान करता है.
  • मीठे चावल (केसर चावल), केसरी हलवा (सूजी का हलवा) और बूंदी लड्डू जैसे प्रतिष्ठित व्यंजन शुभ पीले रंग में तैयार किए जाते हैं.
  • केसर दूध, हल्दी चावल और बेसन का शीरा भी बनाए जाते हैं, साथ ही केले और अमरूद जैसे मौसमी फल भी चढ़ाए जाते हैं.
  • बंगाल में खिचड़ी, पंजाब में सरसों के व्यंजन और महाराष्ट्र में केसर-युक्त मिठाइयाँ जैसे क्षेत्रीय व्यंजन भी पीले रंग की थीम को अपनाते हैं.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: बसंत पंचमी 2026 वसंत और देवी सरस्वती का एक जीवंत उत्सव है, जिसमें पारंपरिक पीले खाद्य पदार्थ प्रमुख हैं.

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