
हाल ही में खोजी गई जड़ी-बूटी, जिसे "महादेव का जटा" नाम दिया गया है, माइग्रेन के लिए प्रभावी है और गुर्दे तथा पित्ताशय की समस्याओं में मदद कर सकती है। यह मूत्र संबंधी समस्याओं और गुर्दे की पथरी के लिए भी आशाजनक है।
यह जड़ी बूटी, जिसे भगवान शिव की जटाओं से समानता के कारण 'महादेव की जटा' नाम दिया गया है, गुर्दे और मूत्र संबंधी समस्याओं में मदद कर सकती है।
शीशम की पत्तियां त्वचा संक्रमणों को कम करने में मदद करती हैं। भटवास जड़ी-बूटी त्वचा की कई समस्याओं में राहत देती है।