
अला-गिला भित्तिचित्र प्राकृतिक रंगों के उपयोग के कारण सदियों तक रंगों को संरक्षित रखते हैं।
थोई गाँव अपने 290 साल पुराने गोविंद देवजी मंदिर के कारण एक महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल है, जो कृष्ण के जीवन को दर्शाने वाली अपनी अनूठी 'आला-गीला' शैली की भित्तिचित्रों के लिए प्रसिद्ध है।
थोई, सीकर में स्थित गोविंद देव जी मंदिर 290 साल पुराना है और अपनी 'आला-गीला' शैली की भित्तिचित्रों के लिए प्रसिद्ध है। जयपुर के गोविंद देव जी को इसका समकालीन बताया गया है।