महाभारत: अर्जुन के शंख 'देवदत्त' का रहस्य और युद्ध में उसकी भूमिका
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News1803-02-2026, 19:03

महाभारत: अर्जुन के शंख 'देवदत्त' का रहस्य और युद्ध में उसकी भूमिका

  • महाभारत, धर्म और अधर्म के बीच एक महायुद्ध था, जिसमें योद्धा अपने शत्रुओं को चुनौती देने के लिए शंख बजाते थे.
  • अर्जुन के शंख का नाम 'देवदत्त' था, जो अग्निदेव को खांडववन जलाने में मदद करने के बाद वरुणदेव के माध्यम से अग्निदेव द्वारा दिया गया एक दिव्य उपहार था.
  • युद्ध की जड़ें हस्तिनापुर के सिंहासन विवाद, दुर्योधन द्वारा पांडवों को भूमि देने से इनकार और कृष्ण के असफल शांति प्रयासों में थीं.
  • युद्ध से पहले, भगवान कृष्ण ने विचलित अर्जुन को श्रीमद् भगवद गीता सुनाई, जिसके बाद अर्जुन ने युद्ध की शुरुआत का संकेत देने के लिए अपना 'देवदत्त' शंख बजाया.
  • 18 दिनों का युद्ध अधर्म पर पांडवों की जीत के साथ समाप्त हुआ, हालांकि इसमें अनगिनत जीवन और कुरु वंश के विनाश की भारी कीमत चुकानी पड़ी.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: अर्जुन का दिव्य शंख 'देवदत्त' महाभारत युद्ध की शुरुआत का प्रतीक था, जो धर्म का संघर्ष था.

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