अर्जुन का दिव्य धनुष गांडीव: उत्पत्ति, शक्तियां और उसका अंतिम रहस्य

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News18•25-01-2026, 19:12
अर्जुन का दिव्य धनुष गांडीव: उत्पत्ति, शक्तियां और उसका अंतिम रहस्य
- •अर्जुन को अग्नि देव से खांडव वन जलाने में सहायता के बदले दिव्य धनुष गांडीव प्राप्त हुआ था, जब अग्नि देव को तक्षक नाग और इंद्र देव के विरुद्ध सहायता की आवश्यकता थी.
- •गांडीव नामक यह धनुष मूल रूप से भगवान ब्रह्मा द्वारा बनाया गया था और अर्जुन के पास आने से पहले भगवान शिव, देवराज इंद्र और वरुण देव के स्वामित्व में था.
- •गांडीव में अपार शक्ति थी, यह अविनाशी था, और इसकी टंकार मात्र से शत्रु भयभीत हो जाते थे; इसके साथ अर्जुन को कभी न खत्म होने वाले तीरों का तरकश भी मिला था.
- •महाभारत युद्ध और भगवान कृष्ण के पृथ्वी से प्रस्थान के बाद, अर्जुन की शक्तियां कम हो गईं, और उन्होंने गांडीव धनुष को समुद्र में विसर्जित कर वरुण देव को लौटा दिया.
- •पौराणिक ग्रंथों के अनुसार, गांडीव धनुष अब पृथ्वी पर मौजूद नहीं है और अपने दिव्य स्वामी के पास लौट गया है, हालांकि कुछ लोकमान्यताएं इसके छिपे होने का सुझाव देती हैं.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: अर्जुन का दिव्य धनुष गांडीव, उनकी शक्ति का प्रतीक, महाभारत युद्ध के बाद अपने स्वर्गीय मूल में लौट गया.
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