AI Videos: ఈమధ్య ఏఐ వీడియోలు ఎక్కువైపోతున్నాయి. ఏది నిజమో, ఏది అబద్ధమో తెలియట్లేదు. ఇక డీప్‌ఫేక్ పరువు తీస్తున్నాయి. వీటికి బ్రేక్ వెయ్యాల్సిందే అని కేంద్రం భావించింది. కఠిన చర్యలకు గైడ్‌లైన్స్ జారీ చేసింది. యూట్యూబర్లు వీటిని ఫాలో అవ్వకపోతే సమస్యే. పూర్తి వివరాలు ఇలా ఉన్నాయి.
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News1811-02-2026, 03:28

डीपफेक पर केंद्र का शिकंजा: AI वीडियो के लिए नए दिशानिर्देश, प्लेटफॉर्म की जवाबदेही तय.

  • केंद्र सरकार ने AI-जनित सामग्री के लिए नए नियम पेश किए, जिसमें AI मूल और निर्माता का खुलासा करना अनिवार्य है.
  • फेसबुक, इंस्टाग्राम और यूट्यूब जैसे प्लेटफॉर्म अब सामग्री के लिए जिम्मेदार हैं, AI वीडियो पोस्ट करने से पहले स्पष्टता की आवश्यकता है.
  • AI सामग्री को स्पष्ट रूप से अपनी AI प्रकृति बतानी होगी, जिसमें वीडियो के 10% स्थान पर ग्राफिक्स या वॉटरमार्क के माध्यम से यह खुलासा करना होगा.
  • डीपफेक सामग्री को 36 घंटे के भीतर हटाना होगा, और चुनाव संबंधी फर्जी वीडियो को 3 घंटे के भीतर, अन्यथा BNS के तहत कानूनी कार्रवाई का सामना करना होगा.
  • उपयोगकर्ताओं को AI सामग्री घोषित करनी होगी और उपयोग किए गए AI सॉफ्टवेयर को निर्दिष्ट करना होगा; नियमों का पालन न करने पर प्लेटफॉर्म पर कार्रवाई होगी.

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