Railway Tracks: రైళ్లలో రోజూ లక్షల మంది ప్రయాణాలు చేస్తున్నారు. సురక్షితంగా గమ్యస్థానాలకు చేరుతున్నారు. కారణం టెక్నాలజీ. అడుగడుగునా రక్షణ కల్పిస్తోంది. అదే లేకపోతే.. రైలు ప్రయాణాలు ఇంత సౌకర్యంగా ఉండేవే కావు.
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News1821-12-2025, 04:24

भारतीय रेलवे सुरक्षा: पटरियों की जांच में कौन सी तकनीकें इस्तेमाल होती हैं?

  • भारतीय रेलवे पटरियों की सुरक्षा जांच के लिए मैनुअल और स्वचालित तकनीक-आधारित दोनों तरीकों का उपयोग करता है.
  • मैनुअल निरीक्षण में ट्रैकमेन रोजाना या साप्ताहिक रूप से बोल्ट, स्लीपर और गिट्टी की दृश्य जांच करते हैं.
  • स्वचालित निरीक्षण में ट्रैक रिकॉर्डिंग कारें (TRCs) लेजर सेंसर, हाई-स्पीड कैमरे और मशीन लर्निंग का उपयोग करके ट्रैक ज्यामिति और दृश्य दोषों का पता लगाती हैं.
  • अल्ट्रासोनिक फ्लॉ डिटेक्शन (UFD) तकनीक SRT, डबल रेल टेस्टर या SPURT कारों का उपयोग करके रेल के अंदरूनी दरारों का पता लगाती है.
  • ग्राउंड पेनेट्रेटिंग रडार (GPR) का परीक्षण गिट्टी बिस्तर की जांच के लिए किया जा रहा है, जबकि ITMS समग्र ट्रैक निगरानी को बढ़ाता है.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: उन्नत तकनीक और कठोर निरीक्षण भारतीय रेलवे की सुरक्षा को बढ़ाते हैं, जिससे दुर्घटनाएं काफी कम होती हैं.

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