चांदी की पायल: महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए वैज्ञानिक वरदान, सिर्फ सजावट से कहीं बढ़कर.
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चांदी की पायल: सिर्फ गहना नहीं, महिलाओं के स्वास्थ्य का वरदान! विज्ञान और परंपरा के अद्भुत तथ्य.
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News18•07-03-2026, 20:45
चांदी की पायल: सिर्फ गहना नहीं, महिलाओं के स्वास्थ्य का वरदान! विज्ञान और परंपरा के अद्भुत तथ्य.
•भारतीय संस्कृति में चांदी की पायल (गजालू) केवल आभूषण नहीं, बल्कि शारीरिक और मानसिक संतुलन बनाए रखने में भी सहायक मानी जाती है.
•विवाहित महिलाएं इन्हें शुभ मानती हैं, जो परिवार में सुख और समृद्धि लाती हैं, News18 Hindi के अनुसार.
•पौराणिक मान्यता है कि चांदी पवित्रता, शीतलता और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक है; पायल की ध्वनि घर में खुशनुमा माहौल बनाती है.
•वैज्ञानिक दृष्टिकोण से, कुछ विशेषज्ञ मानते हैं कि ये पैरों में रक्त संचार सुधारती हैं, सूजन-दर्द कम करती हैं और ऊर्जा प्रवाह को संतुलित करती हैं.
•आयुर्वेद चांदी में शीतलता और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण बताता है, जो शरीर का तापमान संतुलित रखता है. ज्योतिष इन्हें चंद्रमा और शुक्र से जोड़कर मन की शांति और वैवाहिक सुख से संबंधित मानता है.