आजमगढ़ की ऐतिहासिक विरासत: शिब्ली लाइब्रेरी, शाही पुल और प्राचीन मकबरे
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आजमगढ़ की 5 ऐतिहासिक धरोहरें: शिब्ली लाइब्रेरी से शेरशाह सूरी के पुल तक
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News18•25-02-2026, 15:38
आजमगढ़ की 5 ऐतिहासिक धरोहरें: शिब्ली लाइब्रेरी से शेरशाह सूरी के पुल तक
•शिब्ली कॉलेज लाइब्रेरी, 1914 में स्थापित, में 750 हस्तलिखित पांडुलिपियां हैं, जिनमें जहांआरा की 'अल-अरवाह' और उपनिषद व महाभारत के फारसी अनुवाद शामिल हैं.
•सिविल लाइंस में 200 साल पुराना चर्च, 1843 में कोलकाता के बिशप द्वारा निर्मित, आजमगढ़ की धार्मिक सद्भाव को दर्शाता है.
•करबला मैदान में आजमगढ़ के संस्थापक राजा आजम शाह, उनकी रानी और सैनिकों की कब्रें हैं, जो 17वीं-18वीं शताब्दी की हैं.
•1929 में निर्मित मेहता लाइब्रेरी अब जल विभाग का सरकारी कार्यालय है, जो ईंट और सीमेंट की संरचना मात्र रह गई है.
•आजमगढ़ का शाही पुल, शेरशाह सूरी द्वारा 1530 में ठंडे मोर्टार का उपयोग करके बनाया गया, एक महत्वपूर्ण मुगलकालीन स्थापत्य विरासत है.