हिमालय के ऐतिहासिक चर्च: गॉथिक और विक्टोरियन वास्तुकला आज भी पर्यटकों का आकर्षण.

देहरादून
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News18•25-12-2025, 18:50
हिमालय के ऐतिहासिक चर्च: गॉथिक और विक्टोरियन वास्तुकला आज भी पर्यटकों का आकर्षण.
- •चकराता, देहरादून और मसूरी में 19वीं सदी के प्रतिष्ठित चर्चों का अन्वेषण करें, जो नियो-गॉथिक से इतालवी पुनर्जागरण तक विभिन्न स्थापत्य शैलियों को प्रदर्शित करते हैं.
- •चकराता का 1870 का नियो-गॉथिक चर्च, देहरादून का 1840 के दशक का शास्त्रीय यूरोपीय चर्च और अमेरिकन प्रेस्बिटेरियन मिशन चर्च अद्वितीय डिज़ाइनों को उजागर करते हैं.
- •देहरादून में सेंट फ्रांसिस ऑफ असीसी चर्च इतालवी पुनर्जागरण वास्तुकला, जटिल नक्काशी और रंगीन कांच की कलाकृतियों का दावा करता है.
- •हिमालय के सबसे पुराने चर्च (1836) को जानें, जिसमें गॉथिक रिवाइवल शैली, जीवंत रंगीन कांच और देवदार के जंगलों के बीच एक पुराना पाइप ऑर्गन है.
- •मसूरी में सेंट पॉल चर्च (1839) और लैंडौर कैंट चर्च (1895) ब्रिटिश पर्वतीय वास्तुकला और ऐतिहासिक आकर्षण प्रदान करते हैं, जो आगंतुकों को आकर्षित करते हैं.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: हिमालय में ये अच्छी तरह से संरक्षित गॉथिक और विक्टोरियन-युग के चर्च महत्वपूर्ण ऐतिहासिक और स्थापत्य पर्यटक आकर्षण बने हुए हैं.
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