महाशिवरात्रि पर भगवान शिव को अर्पित किए जाने वाले बेर और तोड़,
पिथौरागढ़
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News1815-02-2026, 20:40

महाशिवरात्रि पर शकरकंद, बेर और तोड़ ही क्यों चढ़ाते हैं? जानिए इसके पीछे की मान्यता.

  • महाशिवरात्रि पर शकरकंद, बेर और 'तोड़' चढ़ाने व खाने की परंपरा विशेषकर पहाड़ी और ग्रामीण क्षेत्रों में पुरानी है.
  • शकरकंद सादगी का प्रतीक है और उपवास के दौरान शरीर को ऊर्जा व संतुलित पोषण प्रदान करता है, जिसमें फाइबर, विटामिन और प्राकृतिक मिठास होती है.
  • भगवान शिव सादगी और प्रकृति से जुड़े देवता हैं, जो विलासिता के बजाय सरल और सात्विक चीजों को पसंद करते हैं.
  • बेर को बहुत पवित्र फल माना जाता है; एक भक्त द्वारा अनजाने में बेर चढ़ाने से भगवान शिव प्रसन्न हुए थे, जिससे यह परंपरा शुरू हुई.
  • 'तोड़' एक जंगली जड़ या फल है, जो प्रकृति के प्रति सम्मान और सरल, प्राकृतिक जीवन शैली को दर्शाता है, जो प्राचीन समय में वन उत्पादों पर निर्भरता को याद दिलाता है.

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