It covered a distance of 10 kilometres between Roorkee and Piran Kaliyar.
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News1822-12-2025, 10:41

भारत की पहली ट्रेन: बॉम्बे-ठाणे नहीं! उत्तराखंड की 1851 की मालगाड़ी थी पहली.

  • भारत की पहली मालगाड़ी 22 दिसंबर, 1851 को उत्तराखंड में गंगा नहर परियोजना के लिए चली थी.
  • यह रुड़की और पीरान कलियर के बीच 10 किमी चली, मिट्टी और निर्माण सामग्री ले गई.
  • 'थॉमसन' (जेनी लिंड) नामक इंजन इंग्लैंड से आयात किया गया था, 9 महीने तक चला.
  • यह 1853 की बॉम्बे-ठाणे यात्री ट्रेन से पहले की थी, जो रेलवे के औद्योगिक उपयोग का प्रतीक थी.
  • ट्रैक भारतीय मजदूरों ने सर प्रोबी कॉटले के नेतृत्व में हाथ के औजारों से बनाए थे.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: भारत की पहली ट्रेन 1851 में उत्तराखंड में एक मालगाड़ी थी, न कि 1853 की बॉम्बे-ठाणे यात्री सेवा.

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