मेघालय का कोंगथोंग: भारत का सीटी वाला गाँव जहाँ धुनें ही पहचान हैं.

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News18•21-12-2025, 15:10
मेघालय का कोंगथोंग: भारत का सीटी वाला गाँव जहाँ धुनें ही पहचान हैं.
- •मेघालय के खासी हिल्स में स्थित कोंगथोंग गाँव अपनी अनूठी परंपरा के कारण "सीटी वाला गाँव" के नाम से जाना जाता है.
- •नामों के बजाय, प्रत्येक व्यक्ति की एक विशिष्ट सीटी वाली धुन होती है, जिसे "जिंगरवाई इयावबेई" कहा जाता है, जो जन्म के समय माँ द्वारा बनाई जाती है और उनकी पहचान बनती है.
- •यह सदियों पुरानी प्रथा इसलिए शुरू हुई क्योंकि सीटी की आवाज पहाड़ियों में दूर तक जाती है और माना जाता है कि यह जंगलों में जंगली जानवरों या आत्माओं को दूर रखती है.
- •ग्रामीण घरों में छोटी सीटी और जंगलों व पहाड़ियों में दूर तक संवाद के लिए लंबी सीटी का उपयोग करते हैं; कोई भी दो सीटी एक जैसी नहीं होतीं.
- •कोंगथोंग की अनूठी संस्कृति को यूनेस्को की मान्यता मिली है और इसे भारत के सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गाँव के रूप में नामांकित किया गया है, जो दुनिया भर के यात्रियों को आकर्षित करता है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: मेघालय का कोंगथोंग गाँव व्यक्तिगत पहचान के लिए अनूठी सीटी वाली धुनें उपयोग करता है, जिसे वैश्विक पहचान मिल रही है.
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