अमिताभ कांत: AI रचनात्मकता बढ़ा सकता है, लेकिन मार्केटिंग में मानवीय भावना की जगह नहीं ले सकता.

विशेष कवरेज
S
Storyboard•09-02-2026, 12:15
अमिताभ कांत: AI रचनात्मकता बढ़ा सकता है, लेकिन मार्केटिंग में मानवीय भावना की जगह नहीं ले सकता.
- •अमिताभ कांत, पूर्व G20 शेरपा और नीति आयोग के पूर्व सीईओ, ब्रांड-बिल्डिंग में AI की भूमिका पर चर्चा करते हैं.
- •उन्होंने जोर दिया कि AI रचनात्मकता को बढ़ाता है लेकिन अभियानों के पीछे मानवीय भावना की जगह नहीं ले सकता.
- •कांत ने 'गॉड्स ओन कंट्री' अभियान के साथ केरल पर्यटन को फिर से स्थापित करने का अपना अनुभव साझा किया, जिसमें प्रामाणिकता पर ध्यान केंद्रित किया गया था.
- •उन्होंने दो मार्केटिंग सिद्धांतों पर प्रकाश डाला: उत्पादों को अलग करना और अद्वितीय अनुभव बनाना.
- •जबकि 93% CMO जनरेटिव AI से मापने योग्य रिटर्न देखते हैं, मानवीय प्रवृत्ति और सहानुभूति महत्वपूर्ण बनी हुई है.
✦
More like this
Loading more articles...





